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ये चोरी नहीं तो और क्या है.. कृपया मेरी मदद करें (लेख)

Posted On: 23 Jun, 2010 Others में

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आज आपकी यह पोस्ट यहाँ —————————————- भी पढी , क्या वहां भी आप ही हैं…. प्रतिक्रिया: सीमा सचदेव

सबसे पहले तो मैं सीमा जी का धन्यवाद् अदा करना चाहूंगी कि उन्होंने मुझे इस चोरी कि जानकारी दी… उन्होंने एक जागरूक ब्लोगर होने का फ़र्ज़ निभाया…..

अभी-अभी मैं जागरण जंक्शन खोल कर अपनी पोस्ट पर आई प्रतिक्रियाओं का जवाब दे ही रही थी कि मुझे सीमा जी की प्रतिक्रिया दिखाई दी…. उसे देख कर मन में अजीब-अजीब तरह के विचार आ रहे थे….. सीमा जी के द्वारा दिए गए लिंक पर जब गए और वहां अपनी रचना “नेट की लत मोहे ऐसी लागी…… हो गई मैं दीवानी” को वैसे का वैसे ही किसी और के नाम से पढ़ा तो बहुत ही ख़राब सा लगा…… उसे  पढ़कर मन बहुत ही बेचैन हो गया….

हमने इतनी मेहनत कर के चार या पांच दिन में वो रचना लिखी थी और किसी ने बस दो मिनट में कॉपी पेस्ट किया और बना ली उसे अपनी…. और तो और अगर हमें सीमा जी नहीं बताती तो हमें पता भी नहीं चलता……. क्या ये चोरी नहीं है….. क्या ये धोखा नहीं है… और क्या इस चोरी ने हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं किया है… .

अगर आपको किसी की कोई पोस्ट अच्छी लगती है तो ये एक अच्छी बात है…… और आप चाहते हो कि वो अच्छी पोस्ट और भी ज्यादा लोग पढ़े तो वो और भी अच्छी बात है…… पर उसे अपने नाम से पोस्ट कर देना कहाँ की ईमानदारी है…..

किसी के लेख से प्रेरणा लेना अलग बात होती है और ये अमूनन सभी करते हैं….. हम पैदा होते हैं तो पहले अपने माता-पिता और अन्य परिवार वालों के विचारों से प्रेरणा लेते हैं और अपने सोचने-समझने की क्षमता विकसित करते हैं……. जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं अपने आस-पास के लोगों के विचारों से भी प्रभावित होते हैं और उसका असर हमारे विचारों पर भी पड़ता है…… ये तो मानव का व्यवहार ही है…. और इस तरह से प्रेरणा लेकर अपनी नई रचना लिखना गलत नहीं है…. पर किसी की रचना को ज्यों का त्यों कॉपी कर देना तो चोरी ही है……

एक अच्छे ब्लोगर को चाहिए कि वो अगर किसी और की पोस्ट अपने ब्लॉग में पोस्ट कर रहा है तो उसके असली रचनाकार का उल्लेख करें और उसे सम्मान दें…. किसी की मेहनत पर इस तरह पानी फेर कर अपने सम्मान की चाह रखना सही तो नहीं…..

और ये चोर महाशय तो काफी चालक हैं…. इन्होने ना केवल हमारी रचना बल्कि इस मंच की एक और रचना “महिमा मोबाइल की” भी कॉपी कर वहां अपने नाम से पोस्ट कर दी हैं….. और आगे भी वो अपने इस गलत काम से बाज आयेंगे हमें तो नहीं लगता ….. तो अब इस मंच के अन्य लोग भी सावधान हो जाएँ क्योंकि हो सकता है अगली चोरी आपके ही घर में हो……

मैं इस मंच के अन्य जागरूक ब्लोगर से जानना चाहूंगी कि अगर कोई इस तरह चोरी करता है तो हम क्या कर सकते हैं…… चूँकि मैं ब्लॉग कि दुनिया में नई हूँ इसलिए मुझे इसके बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं हैं….. मन इस चोरी से बहुत ही बेचैन हैं और किसी भी काम में मन लगाना मुश्किल लग रहा है….. अगर इसका ठोस हल नहीं होगा तो इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता कि हम शायद ये ब्लॉग की दुनिया से ही विदा ना ले लें….. उम्मीद है आप लोग मेरी कुछ ना कुछ मदद जरुर करेंगे….

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94 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Tracen के द्वारा
May 25, 2011

Now I know who the bariny one is, I’ll keep looking for your posts.

bharatswabhiman के द्वारा
October 20, 2010

अदिति जी चोरी करना हमारे देश मे अब कोई बुरा काम नहीं समझा जाता | क्या करे हालात इस कदर ख़राब हो गए है की अब चोरी को एक कला समझने लगे है | बंटी चोर का बिग्ग बॉस ४ मे बुलाया जाना तो मात्र एक शरुआत है, आगे आगे देखिये ये काले अंग्रेजो की सरकार अभी और क्या क्या गुल खिलाएगी | पूरे देश मे जो नैतिक पतन हुआ है , ये तो उसका एक बहुत छोटा सा उदाहरण है | फिर भी आपने जो बात कही , पूरी तरह से उसे मानता हू| चातक जी ने समाधान बताया है | पर फिर भी दिल मे एक टीस सी उठती है, हाय ये राम के देश मे क्या हो रहा है क्या करे की अब बस ये काम हो जाये देश मे दुबारा     राम राज्य आ जाय

Abuzar osmani के द्वारा
August 24, 2010

एक आसान तरीका है,जहाँ उसने आपका पोस्ट कॉपी किया है उस जगह आप कमेन्ट में ये चोरी वाली बात लिखे साथ साथ अपना लिंक भी पेस्ट कर दें…..ताकि दूसरों को भी पता चले

Helper के द्वारा
June 29, 2010

वाह अदिति जी आखिर आप का पाइरेटेड आईडिया काम आ ही गया बधाई हो

    aditi kailash के द्वारा
    July 5, 2010

    helper ji, आपका आभार…. वैसे आप किसके helper हैं….और किस पाइरेटेड आईडिया की बात कर रहे हैं… कृपा कर जरुर बताएं…

allrounder के द्वारा
June 24, 2010

अदितिजी आपका बहुत -बहुत धन्यबाद की आपने इस चोर के खिलाफ आवाज़ उठाई ! चूँकि मैं २-३ दिन से व्यस्तता के कारण इस मंच से दूर था इसलिए मुझे पता ही नहीं चला की यहाँ क्या हो रहा है ! आपके साथ – साथ मेरी रचना भी कॉपी भी की गई, ये मुझे आपके द्वारा ही पता चला, और मुझे सचमुच ऐसा महसूस हुआ की किसी ने मेरी बेशकीमती चीज़ मुझसे छीनकर मुझे निर्धन सा कर दिया हो ! आखिर ये हो क्या रहा है ? आपके प्रयास से उस चोर ने चोरी की हुईं पोस्ट हटा दिन इसके लिए आप और हमारे सभी bloger बंधू तथा सबसे ज्यादा सीमाजी बधाई की पात्र हैं, जिन्होंने उस चोर को उजागर करने मैं आपकी मदद की ! मैं इस बात से काफी हैरान हूँ !

    जलाल के द्वारा
    June 26, 2010

    yaar mujhe aditi ji ki haalat kekh kar bahut hansi aa rahi hai. kuchh karo bhaai. are choron kam se kam stri hai iska to khyaal karo. ha ha h

    aditi kailash के द्वारा
    July 5, 2010

    सचिन जी, आपका आभार….. ये पूरे जागरण परिवार के सहयोग का ही फल है….

    aditi kailash के द्वारा
    July 5, 2010

    जलाल जी, हँस लीजिये…. जिस पर बीतती है, वहीँ जानता है…… दूसरा किसी का दर्द नहीं समझ सकता…. और रही बात नारी की तो चोरों के लिए नारी-पुरुष मायने नहीं रखते, उन्हें तो जहाँ कीमती चीज़ मिलेगी वहीँ चोरी कर बैठेंगे…..

mihirraj2000 के द्वारा
June 24, 2010

अदिति जी पहले मैं आपको आपके उत्कृष्ट रचना के लिए बधाई देना चाहूँगा की चोर मजबूर हो गया चोरी के लिए पर मुद्दा गंभीर है एकता दिखाए और मिल कर लड़े हम इस चोरी बेईमानी के खिलाफ आप मुझे वो लिंक देने की कृपा जरूर करे.

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    मिहिर जी, आपकी प्रतिक्रिया पाकर मन बहुत ही खुश हुआ….आपका आभार….हमें मिलजुल कर ही इसका कोई हल निकालना पड़ेगा….वैसे तो उसने अपने ब्लॉग से इस मंच की सारी पोस्ट (दो) डिलीट कर दी है, तो मुझे नहीं लगता अब हमें उसके साथ कुछ करने की जरुरत है….

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    फिर भी आप जानना चाहते हैं तो ब्लॉग लिंक हैं

    Takeo के द्वारा
    May 25, 2011

    Cool! That’s a cleevr way of looking at it!

rita के द्वारा
June 24, 2010

अदिति जी , मैंने अभी -अभी नेट खोला तो निगाह आपकी लेख चोरी पर पड़ी .मैं हैरान हो गयी ,दुसरो के लेख को चुपके से अपने नाम पर पोस्ट करना न सिर्फ अपराध है यह एक बड़ी गलती भी है .इस बात का इल्म उसे नहीं है ऐसा मैं नहीं मानती वर्ना इस गलती पर वह जरुर आपसे अबतक माफ़ी मांग चूका होता. चलिए आपकी सक्रियता के कारण चोर का पता चल गया .मै आपके साथ हूँ .

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    रीता जी, आपके साथ और सहयोग का आभार…. सही कहा आपने वो चोर इस बात से अनभिज्ञ कतई नहीं है कि वो चोरी कर रहा है, क्योंकि अभी भी उसके ब्लॉग पर चोरी की एक पोस्ट सुशोभित है….माफ़ी मांगने की बात तो दूर है उसने तो हमारे मेल का जवाब भी नहीं दिया….

kmmishra के द्वारा
June 24, 2010

एक दिन के लिये मैं बाहर क्या गया यहां चोरी चकारी सब शुरू हा गयी । गलत बात है । कुछ गैजेट हैं जो कि ब्लाग से मैटेरियल को चोरी नहीं होने देते हैं लेकिन वो जागरण जंक्शन पर चलेंगे कि नहीं यह देखना होगा । कोपीस्कैप एक हद तक ही मदद करता है ।

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    मोहन जी, देखिये बड़ों के ना होने से घर का हाल क्या होता है….अब बिना बताएं कहीं मत जाइएगा….खैर ये तो बस मजाक था… इस चोरी को रोकने के लिए हम सब क्या कर सकते हैं ये सब को मिलकर सोचना होगा, मुझे भी लगता है कोपीस्कैप से ज्यादा मदद नहीं मिल सकती है….मुझे तो इस बारे में ज्यादा टेक्निकल जानकारी नहीं है….पर आपकी बातों से लगता है आप इस बारे में काफी जानकर हैं, तो चर्चा करिए, कुछ न कुछ निष्कर्ष जरुर निकल ही आएगा…

Chaatak के द्वारा
June 24, 2010

अदिति जी, आपकी राय सही है लेकिन हमारी एकता ही इसका एकमात्र इलाज है | नेट पे चोरी रोकना तकनीकी दृष्टि से संभव नहीं है | अब ये समझ लीजिये कि अगर चोरी का पता आपको ईश्वरीय कृपा से चल गया तो ठीक वर्ना कुछ भी नहीं | ये नेट का नाम ही जाल नहीं ये सच में जंजाल है | सिर्फ कॉपी पेस्ट डिसेबल करना इसका इलाज़ नहीं है | आप इसे एक सोफ्टवेयर एक्सपर्ट की राय माने |

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    चातक जी, कॉपी पेस्ट डिसेबल कर के कुछ हद या यूँ कहें कि बहुत हद तक तो कम हो ही जायेगा, क्योंकि जो चोरी करना चाहता है उसमें इतनी तो रूचि नहीं होगी की वो बैठकर बड़ी-बड़ी पोस्ट टाईप करे….वैसे एक अच्छा ब्लोगर इस तरह की चोरी करेगा भी नहीं, ये तो ज्यादातर नए लोग ही होते हैं जिन्हें कुछ पता नहीं होता….

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    आपका आभार राजकमल जी……

aditi kailash के द्वारा
June 24, 2010

आप सभी के हम बहुत ही शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने हमारी परेशानी को अपनी परेशानी समझ कर साथ दिया और तब तक लड़ते रहे, जब तक कि बुराई हार ना जाये… तो देखिये हम सब की एकता की ताकत के आगे बुराई आखिर हार ही गई, अरे भाई उस चोर ने अपने ब्लॉग से इस मंच की रचनाएँ हटा ली है…तो अब हम खुश हैं और आप सभी भी हो जाइये….. इस मंच पर यहीं तो बात अच्छी लगती है कि एक प्रतियोगिता में भाग लेते समय लोग वैसे तो एक दुसरे के प्रतिद्वंदी बन जाते हैं, पर जरुरत में हर कोई साथ होता है….और किसी एक का दुःख सबका होता है….ये मंच एक परिवार ही है….और भगवान से प्रार्थना है कि सभी के बीच ये स्नेह हमेशा बनाये रखे… पर हम सभी को अभी कुछ काम और करने होंगे….हमें इस समस्या का ठोस उपाय सोचना पड़ेगा ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति ना हो और ये जड़ से ख़त्म हो जाये….तो चलिए मिलजुल कर कुछ सोचे…

    Chaatak के द्वारा
    June 24, 2010

    आमीन !

    rajkamal के द्वारा
    June 24, 2010

    मेरे से जो भी इस बारे में करने को कहा जायेगा … में हर तरह से उसके लिए तयार हु… सबकी ख़ुशी में ही मेरी भी ख़ुशी है… भगवन सबको खुश रखे…{जो उसकी किरपा के काबिल है..}

Chaatak के द्वारा
June 24, 2010

अदिति जी, मैंने अभी अभी उस कापी कैट की ब्लॉग देखी बन्दे ने आपकी पोस्ट की कापी ऐसी गायब की है जैसे गधे के सर से सींग | मुबारक हो ! जनाब की हरकतें देख के एक मुहावरा याद आ गया | रहा नहीं जा रहा कहे देता हूँ. (चौबे गए छब्बे बनने दूबे होकर लौटे | ) मतबल यो के – An ass went to ask for horns and lost his ears.

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    चातक जी, हमने भी अभी-अभी ही देखी और आपका मुहावरा पढ़कर हमारे चेहरे पर हँसी भी आ गई… आखिर ये साबित हो ही गया कि जागरण परिवार कमजोर नहीं हैं….ये आप सभी लोगों के प्रयास का नतीजा है कि बेचारे चौबे जी को दूबे बनना पड़ा….वैसे वो भी सोच रहा होगा कि किन लोगों से पंगा ले लिया…. पर चातक जी एक बात अभी भी है कि हमें इस बारे में कुछ ठोस उपाय सोचना होगा ताकि भविष्य में इस मंच के किसी के भी साथ ये ना हो….. आप सभी के हम तहे दिल से शुक्रगुजार हैं…..

    Karsen के द्वारा
    May 25, 2011

    That’s a mold-breaker. Great thniinkg!

    Geralynn के द्वारा
    May 25, 2011

    This has made my day. I wish all postigns were this good.

Chaatak के द्वारा
June 23, 2010

अदिति जी, अगर कल १० बजे तक उस कापी कैट का जवाब आपको न मिले तो एक छोटी से प्रतिक्रिया अपने ब्लॉग पर दाल दीजियेगा हम सभी उसे ‘शर्म कर – शर्म कर ‘ लिख के मेल पोस्ट करेंगे | इंसान का बच्चा होगा तो आपसे माफ़ी जरूर मांगेगा | इंसान का बच्चा ही न हुआ तो कोई बात नहीं | Don’t worry all of are with you. ये अपना जागरण जंक्शन परिवार कमजोर थोड़ी है |

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    सही कहा चातक जी, ये अपना जागरण जंक्शन परिवार इतना कमजोर थोड़ी है….. वो हमारी एकता की ताकत से डर तो गया ही है तभी जैसा कि राजकमल जी ने बताया कि अब उसने उस पोस्ट के नीचे हमारा ब्लॉग पता दे दिया है…. उम्मीद है कल तक मेल का जवाब भी आ जायेगा…. इस मंच पर यहीं तो बात अच्छी लगती है कि एक प्रतियोगिता में भाग लेते समय लोग वैसे तो एक दुसरे के प्रतिद्वंदी बन जाते हैं, पर जरुरत में हर कोई साथ होता है….और किसी एक का दुःख सबका होता है….ये मंच एक परिवार ही है….और भगवान से प्रार्थना है कि सभी के बीच ये स्नेह हमेशा बनाये रखे….

    rajkamal के द्वारा
    June 24, 2010

    बिलकुल सही कहा चातक जी ….मेने भी उसके ब्लॉग पर लानत वाला कमेन्ट दिया है..उसका नमूना यह है… kyo ji mukesh kumar .. aapko aisa nich kaam karte hue jara bhi sharam nahi aui kya? laanat hai aap jese chor pe jo ki dusro ki rachnaye apne naam se chap deta hai.. dhikaar hai tum pe … kahi chullu bhar pani me dub maro.. agar jara bhi sharam baki hai to.. tumko to bhagwan bhi na maaf karega shayad… dubara lakh lanal aur dhikaar ke saath

    Chaatak के द्वारा
    June 24, 2010

    राजकमल जी, वो तो आपकी कमेन्ट को पक्का अन-अप्रूव ही करेगा | लेकिन खुद तो पढ़ेगा ही |

rajkamal के द्वारा
June 23, 2010

अदिति जी आपको यह जान कर हद से भी ज्यादा हार्दिक ख़ुशी होगी की उस नीच नराधम ने अपनी भूल सुधार करते हुए सारी चोरी की पोस्ट्स ख़तम कर दी है… उस सर्व्शाक्तिम्मान इश्वर के श्री चरणों में यही प्रार्थना है की वोह na केवल आपके चेहरे की खोई हुई मुस्कान और खुशिया लौटे बल्कि उनको लाख गुना बडाये… भगवान न करे की आज के बाद फिर कभी आप को किसी की भी मदद की ज़रूरत पड़े… जिस-२ ने भी आज आपका साथ दिया है उन सभी जागरूक पाठको की मेरी नज़र में इज्ज़त बहुत ही ज्यादा हो गई है ..खास कर सीमा जी की …

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    राजकमल जी, आपने तो बहुत ही अच्छी खबर सुनाई, आपके मुंह में घी-शक्कर…हम सब ने आज आखिर जंग जीत ही ली….पर अभी भी बहुत कुछ करना है…इस समस्या को जड़ से ख़त्म करना होगा, जिससे आगे इस तरह की पुनरावृत्ति ना हो………

    Gabby के द्वारा
    May 25, 2011

    AFAICT you’ve covered all the bases with this awensr!

R K Khurana के द्वारा
June 23, 2010

प्रिय अदिति, उनका मेल id तो पता लग ही गया है ! मेरी सबसे प्रार्थना है की सभी उनकी मेल id पर भी उनको लताड़ लगायें ! आप भी उनसे सीधा पूछिए की उसने ऐसा क्यों किया ! मैं भी उनकी मेल id पर मेल दाल रहा हूँ ! राम कृष्ण खुराना

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    चाचाजी, आपके सहयोग और साथ के लिए आपका धन्यवाद्… हमने उस चोर को मेल किया था पर कोई भी जवाब नहीं आया अब तक…आपने भी मेल किया, जानकर अच्छा लगा….हमें तो लगता है लगे रहो मुन्ना भाई की तरह हम सभी को उसे get well soon mamu का मेल भेजना पड़ेगा….

rajkamal के द्वारा
June 23, 2010

अदिति जी में इस सब से बहुत ही दुखी हु..और हर तरह से आप के साथ हु .. में भी उस जगह का outrageous नाम का मेम्बर हु…लेकिन में वह पर सिर्फ हिंदी में टाइप करने और उस को पेस्ट करके यहाँ पर पोस्ट के लिए ही इस्तेमाल करता हु …मेरा यह मानना है की उसको बहुत कम लोग पड़ते hai….और टिपण्णी तो शायद ही कोई करता हो ….बहुत ही परायेपन वाला माहौल है… वोह कोई नया ब्लोग्गर नहीं है…उसने सिर्फ आपकी पोस्ट के नीचे ही आपका आभार जाता कर पता दिया है… अगर वोह असल में इमानदार होता तो चोरी की दूसरी पोस्ट्स पर भी ऐसा ही करता… आपकी मदद करना एक तरह से खुद अपनी मदद करने के सामान होगा… में आपकी मन की हालत समझ सकता हु..मुझे खुद नहीं समझ आ रहा था की आपसे काया कहू.. दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था… अजय जी ने बहुत ही अच्छी जानकारी बताई है… और एक सुझाव जो की mouse का right click deactivate करने के बारे में है . इस बारे में हम सभी को मिल कर कोशिश करनी होगी …

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    राजकमल जी, आपके साथ और सहयोग के लिए आभार…. इस मंच पर शायद कम लोगो को ही पता है कि हम ब्लॉग लिखते हैं ये हमारे घर में किसी को भी नहीं पता है….और इस मुश्किल कि घड़ी में हम काफी परेशां हो गए थे, किसी से कुछ कह भी नहीं पा रहे थे…वो तो इस मंच के लोगों का साथ और सहयोग है जिसके कारण हम अपना दुःख बाँट सके… उस चोर ने तो हमारा नाम उस पोस्ट के नीचे हमारे और सीमा जी के पूछने के बाद कि क्या ये रचना उसकी है डाला है…. और तो और उसने तो हमारे कमेंट्स भी डिलीट कर दिए….और मेल का जवाब भी नहीं दिया..अब तो इस मंच के सभी लोगों को साथ मिल कर कुछ ठोस उपाय सोचना पड़ेगा, जिससे अगली बार फिर से किसी के साथ ऐसा ना हो…..

ajaykumarjha1973 के द्वारा
June 23, 2010

अदिति जी , लगता है आप लोगों को ऐसा होने की जानकारी पहली बार ही मिली है । प्रतिक्रियाओं को देख कर भी यही लगा । जबकि ब्लोग्गिंग में ये बहुत बार सुना गया है । आईये आपको कुछ उपाय बताता हूं , सबसे सटीक उपाय कि सभी ब्लोग्गर उन महाशय की पोस्ट पर जाकर जम कर लताड लगाएं , उनको मेल में भी आशीर्वाद दे सकते हैं । एक और काम हो सकता है वो है ब्लोग्गर को शिकायत यानि गूगल को , पता नहीं कितनों को वो आता है करना । अब एक और दिलचस्प काम की जानकारी http://www.copyscape.com , इस साईट पर आप अपने ब्लोग का पता भरके जान सकते हैं कि आपकी पोस्ट को , या उसमें लिखी किसी भी लाईन तक को किसने कहां से उडाया /लगाया है । यदि कुछ और जानना चाहें तो मेरा मेल पता तो है ही ।

deepaksrivastava के द्वारा
June 23, 2010

congrats aditi jee. I fully agree with seema jee. If anyone liked your work so much that he greed to such extent. If mukesh is new blogger he should apologise otherwise he should be discarded by each blogger. Deepak Srivastava http://www.deepaksrivastava.jagranjunction.com

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    दीपक जी, आपका आभार…. ये अच्छी बात है कि अगर किसी को किसी और की रचना पसंद आये तो उसका प्रचार-प्रसार करें, पर उसे अपने नाम से प्रचारित करना तो गलत है… दीपक जी वो चोर इस मंच का ब्लोगर नहीं है, तो हम सब के द्वारा उसे discard कर देने से उसे कोई फर्क नहीं पड़ेगा… हमें तो कुछ ठोस सोचना पड़ेगा और इसे जड़ से ही ख़त्म करना होगा…

rajkamal के द्वारा
June 23, 2010

aditi जीSource:– http://aditikailash.jagranjunction.com Posted by MUKESH at 2:12 AM 0 comments उस पाजी ने आपका naam आपकी पोस्ट के niche de diya hai …

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    राजकमल जी, ये उसने हमारे और सीमा जी के पूछने के बाद कि क्या ये रचना उसकी है डाला है…. और तो और उसने तो हमारे कमेंट्स भी डिलीट कर दिए…

R K KHURANA के द्वारा
June 23, 2010

प्रिय अदिति बिटिया, जानकर बहुत दुःख हुआ कि आपकी रचना किसी ने चोरी कर ली है ! यह एक जघन्य अपराध है ! मेरा सुझाव है कि आप उस का नाम सार्वजानिक करें तथा अन्य ब्लोग्स पर भी इसकी सुचना दें ! जिससे दुसरे लोगो को भी पता चले कि यह काम किसने किया है तथा कोइ उस पर विश्वास न करे ! इस काम में जागरण जंक्शन को भी पहल करनी चाहिए जिससे किसी भी लेखक कि रचना चोरी न हो ! हम सब ब्लोगेर्स आपके साथ है ! यदि किसी प्रकार से हमारी सहायता कि जरूरत हो तो आप निसंकोच लिखें ! राम कृष्ण खुराना

    R K KHURANA के द्वारा
    June 23, 2010

    प्रिय अदिति, इसकी सूचना आप ट्विट्टर और फैसबुक पर भी दे सकती हैं ! राम कृष्ण खुराना

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    चाचाजी, आपकी प्रतिक्रिया के लिए आभार….. आप उस चोर का नाम जानना चाहते हैं, उस चोर का नाम है मुकेश और उनके ब्लॉग के एड्रेस से लग रहा है वो जौनपुर के हैं…….

    R K KHURANA के द्वारा
    June 23, 2010

    प्रिय अदिति, उनका मेल id तो पता लग ही गया है ! मेरी सबसे प्रार्थना है की सभी उनकी मेल id पर भी उनको लताड़ लगायें ! आप भी उनसे सीधा पूछिए की उसने ऐसा क्यों किया ! मैं भी उनकी मेल id पर मेल दाल रहा हूँ ! राम कृष्ण खुराना

seema के द्वारा
June 23, 2010

अदिती जी मुझे लगा तो यही था नाम देखकर की किसी ने आपकी पोस्ट ज्यों की त्यों चाप दी है , इसीलिए आपसे भी और उन महाशय से भी हमने पूछा था की क्या यह पोस्ट आपकी है ? मुझे लगता है आप उसके ब्लॉग पर टिप्पणी करके या फिर उसे ई-मेल के माध्यम से पहले सूचित करें | शायद वो ब्लॉग की दुनिया में नए है और मुझे लगता है उनको इसकी ज्यादा समझ नहीं होगी | आप उसे लिखेंगी तो निश्चय ही वो अपनी गलती स्वीकार करेंगे और बाकी भी जो उनकी दो पोस्ट है , चोरी की ही है | उनको भी वहां जाकर उसे आगे से ऐसा न करने से रोकना चाहिए | आप फ़िक्र मत कीजिए यह पोस्ट आपकी है और बहुत पहले से पब्लिश है | बस उसे आपको सम्मान देते हुए आपका लेख पोस्ट करना चाहिए था | वैसे आप बधाई की पात्र है | वो लेखक ही क्या जिसकी पोस्ट चोरी न हो , तो यह है आपकी सफलता | हमारी बधाई स्वीकारें :)

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    सीमा जी, हम तहे दिल से आपके शुक्रगुजार हैं…. वो आप ही थी, जिसके कारण हमें इस चोरी का पता चल गया….. आपका पुनः आभार…. आपने सही कहा कि हो सकता है वो ब्लॉग की दुनिया में नए हों…..आपकी प्रतिक्रिया पढ़ते ही हमने उस ब्लॉग पर visit किया और उन्हें वहाँ टिप्पणी भी लिख दी की ये हमारी पोस्ट हैं, आप इसे delete कर दे…. हमने उनके मेल id पर मेल भी कर दिया है…. देखे क्या जवाब आता है… आपकी बधाई के लिए धन्यवाद्…. ये सब इस मंच और पाठकों का प्यार है….

    rajkamal के द्वारा
    June 23, 2010

    अदिति जी aap ko यह जान कर हद से ज्यादा हार्दिक पर्संनता होगी की उस नीच नराधम ने अपनी भूल सुधर करते हुए आपकी पोस्ट के साथ आपका नाम दिया है… भगवान आपके चेहरे पर मुस्कान न केवल लोटाये बल्कि उसको पहले से भी बड़ाए.. और हमेशा खुश रखे … उस सर्वशक्तिमान से यही दोनों हाथ जोड़ कर dua है.. आमीन… आज जो भी आपका साथ दे रहा है उन सबकी इज्ज़त मेरी नज़र में बहुत ही बड़ गई है… भगवान् न करे की आने वाले समय में फिर कभी भी आपको किसी की मदद की ज़रूरत पड़े…

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    राजकमल जी, उस चोर ने बाद में पोस्ट के नीचे हमारा नाम तो शायद हम सभी की एकता की ताकत देखकर जोड़ दिया…क्योंकि सुबह वहां हमारा नाम नहीं था…. इस मंच पर यहीं तो बात अच्छी लगती है कि एक प्रतियोगिता में भाग लेते समय लोग वैसे तो एक दुसरे के प्रतिद्वंदी बन जाते हैं, पर जरुरत में हर कोई साथ होता है….और किसी एक का दुःख सबका होता है….ये मंच एक परिवार ही है….और भगवान से प्रार्थना है कि सभी के बीच ये स्नेह हमेशा बनाये रखे…

ashutosh ambar के द्वारा
June 23, 2010

अदीति जी ये भी एक प्रकार की चोरी ही है इन्हे सबक सिखाना ही पड़ेगा चातक जी ने सही सुझाया है पर मई सोचता हूँ इसकी जरुरत नहीं पड़ेगी सारे पाठक गन समझदार हैं वे उसे सबक सिखायेंगे उसे समझ आ जायेगा

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    आशुतोष जी, आपकी प्रतिक्रिया के लिए आभार…. इस समय आप सभी लोग मेरी मनोस्तिथि समझ सकते हैं….. आप सभी लोगों की प्रतिक्रियाओं ने मुझे थोड़ी हिम्मत जरुर बंधाई है….

http://jarjspjava.jagranjunction.com के द्वारा
June 23, 2010

नमस्कार अदिति जी, इस घटना के बारे में जान कर मुझे भी बहुत अजीब लग रहा है ki kisi महोदय ने आपकी उत्तम रचना को बिना अधिकार के अपने ब्लॉग पोस्ट पर छाप दिया है ….. मुझे इस समस्या का एक समाधान समझ में आ रहा है.. और वो समाधान जागरणजंक्शन तकनीकी टीम की सहायता से किया जा सकता है… “यहाँ पर mouse का right click deactivate कर दिया जाए…” ना रहेगा बांस ना बजेगी बांसुरी.. आशा करता हू इस समाधान से सभी उपभोक्ताओं की मूल्यवान रचनाओं की सुरक्षा मजबूत की जा सकेगी और भविष्य में ऐसे उपभोक्ता को ये चोरी करने के लिए दुगने परिश्रम की आवश्कता होगी :) धन्यवाद! साभार निखिल सिंह

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    निखिल सिंह जी, आपकी अमूल्य प्रतिक्रिया के लिए आभार…. आपने बिलकुल सही कहा….हमें जागरण टीम से इस बारे में आग्रह करना चाहिए क्योंकि आज दो चोरी हुई हैं, कल चार और आने वाले समय में सारी की सारी हो सकती हैं… हमें कुछ ना कुछ ठोस कदम तो उठाना ही पड़ेगा….

    http://jarjspjava.jagranjunction.com के द्वारा
    June 23, 2010

    अदिति जी, यहाँ पर जज टीम ने पहले ही लिख रखा है ..”Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.” अब आप बताइए जागरण moderator भी क्या करेगा.. वैसे में आपको एक राज की बात बताऊँ की जे.जे. टीम खुद ही एक नंबर की चोर है .. अब वो कैसे… आपको यकीन नही हो रहा होगा.. inki takniki टीम हम उपभोक्ताओं का इ-मेल एड्रेस हमारी बिनa आज्ञा के इस्तेमाल करती है और साथ ही साथ उस पर अपना नाम भी थोक देते हैं.. की ये इ-मेल जागरण की टीम की taraf से आया है.. और इसको तकनीकी भाषा में हम कहते है “ईमेल spoofing ” अब इस विषय पर भी पूरा पूरा एक लेख लिखा जा सकता है और जागरण जंक्शन टीम को कटघरे में खींचा जा सकता है… khair यहाँ पर और भी तकनीकी khamiyan हैं jo की लिखने का मतलब है “आ बैल मुझे मार ” वाली कहावत को चरितार्थ करना.. :) priti उत्तर के लिए dhanywaad.

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    निखिल सिंह जी, प्रतिक्रिया के लिए आभार…. जज टीम हम जो लिख रहें हैं, उन विचारों के लिए जवाबदार नहीं हैं, पर इस मंच पर पोस्ट की गई रचनाओं की सुरक्षा के लिए कुछ तो जवाबदेह होगी ही….खैर हमने जज टीम को भी लिखा है इस बारे में ….. देखे क्या होता है… आपने “ईमेल spoofing ” के बारे लिखा, हमें इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है…. वैसे ये हमारे मेल id कहाँ उपयोग कर रहे हैं… प्रतिक्रियाओं में भी जो हमारे मेल id दिखाई देते हैं वो मुझे सही नहीं लगता है…

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    निखिल सिंह जी, हमने उस ब्लॉग के हेल्प फोरम में जाकर पता किया तो पता चला कि उस मंच पर ये आम बात है और लोग शिकायत करते रह जाते हैं कुछ होता नहीं हैं…. अब तो लगता है हमें ही कुछ करना पड़ेगा… उस चोर ने उस पोस्ट से हमारी और सीमा जी कि प्रतिक्रिया डिलीट कर दी है और हमारे मेल का भी जवाब नहीं दिया है… हम कल तक इंतजार करते हैं नहीं तो कुछ सोचना ही पड़ेगा….. आप भी कुछ सुझाइए….

santosh kumar के द्वारा
June 23, 2010

अदीति जी मुझे तो ये समझ में नहीं आता की ये लोग ऐसा क्यों करते है ये तो बहुत ही बड़ी चोरी है ऐसे लोगो को शर्म आनी चाहिए जो दूसरों का ब्लॉग चुराकर लिखतें है इन्हे पकड़ो जागो – ब्लोगर्स जागो

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    संतोष जी, प्रतिक्रिया के लिए आभार…. सही कहा आपने जागो – ब्लोगर्स जागो…..ये सिर्फ मेरी समस्या नहीं रहीं है…. इस मंच की और भी रचनाएँ चुराई गई हैं…. तो हमें मिलजुल कर ही इसका हल खोजना होगा….

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    संतोष जी, हमें आपका ब्लॉग कौन सा है पता नहीं चल पाया, क्योंकि इस नाम के कई लोग हैं इसलिए हमने आपका आभार आपके मेल पर कर दिया है….आपका पुनः धन्यवाद …..

    Bettie के द्वारा
    May 25, 2011

    Tnakhs for sharing. What a pleasure to read!

chaatak के द्वारा
June 23, 2010

अदिति जी, आप तुरंत उस ब्लॉग मंच के मोडरेटर को अपने ब्लॉग की लिंक और पोस्ट करने की डेट सहित सूचना ई-मेल से दीजिये | बदतमीज की अक्ल भी ठिकाने आ जायगी और ब्लॉग भी ब्लाक कर दिया जायेगा | Don’t worry be happy!

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    चातक जी, आपने एक अच्छा हल सुझाया, आपका आभार…… जब से हमने अपनी पोस्ट वहाँ देखी है, हम बहुत ही बेचैन हैं….. सीमा जी के द्वारा हमें पता चल गया ये अच्छी बात है, पर आगे भी लोग इस मंच की रचनाओं का इस तरह उपयोग कर सकते हैं और शायद हमें पता ही ना चले…. इसलिए हमें जागरण टीम को इस बारे में बताना चाहिए और उनसे आग्रह करना चाहिए कि वो कुछ ऐसा करें कि इस मंच की कोई भी पोस्ट कॉपी ना हो….और कोई अपने हाथों से तो बड़ी-बड़ी पोस्ट टाइप नहीं करेगा….

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    चातक जी, हमने उस ब्लॉग के हेल्प फोरम में जाकर पता किया तो पता चला कि उस मंच पर ये आम बात है और लोग शिकायत करते रह जाते हैं कुछ होता नहीं हैं…. अब तो लगता है हमें ही कुछ करना पड़ेगा… उस चोर ने उस पोस्ट से हमारी और सीमा जी कि प्रतिक्रिया डिलीट कर दी है और हमारे मेल का भी जवाब नहीं दिया है… हम कल तक इंतजार करते हैं नहीं तो कुछ सोचना ही पड़ेगा…..

Nikhil के द्वारा
June 23, 2010

ये चोरी है. बिलकुल है. बहुत सही कदम उठाया आपने.

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    निखिल जी, आपकी प्रतिक्रिया के लिए आभार, पर इसका हल क्या है? हमें अभी तक कुछ भी समझ नहीं आ रहा है…….

    Nikhil के द्वारा
    June 23, 2010

    अदितिजी हल चातकजी ने सुझा दिया है. आप तुरंत कदम उठाएं.

    aditi kailash के द्वारा
    June 23, 2010

    सही कहा निखिल जी…

    Charla के द्वारा
    May 25, 2011

    Snouds great to me BWTHDIK


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