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क्या क्रिकेट ही हमारे लिए बड़ी खबर है? (लेख)

Posted On: 22 Jun, 2010 Others,न्यूज़ बर्थ,sports mail में

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भारत में जब भी खेल की बात आती है तो लोगों की जुबान पर सिर्फ और सिर्फ क्रिकेट का ही नाम होता है… क्या भारत में क्रिकेट को छोड़कर अन्य कोई खेल नहीं हैं या क्रिकेटरों को छोड़कर अन्य कोई खिलाडी नहीं हैं…. जब भी क्रिकेट का कोई भी टूर्नामेंट होता है मीडिया में और जनता में बस उसी की ही बात होती है… जीत गए तो जय-जयकार….. और हार गए तो भी क्यूँ हारे, कैसे हारे की समीक्षा….. और अन्य खेलों में चाहे आप विश्व रिकार्ड बना लें, आपको कोई पूछेगा भी नहीं….. पर क्या इस तरह का भेदभाव सही है….

ये एक बहुत बड़ी बहस का मुद्दा है….. पर आज मै यहाँ इस बहस को आगे ना बढाकर, भारतीय खेल जगत की एक बहुत बड़ी उपलब्धि और एक बहुत बड़े खिलाडी की बात करना चाहूंगी…..भारतीय खेल जगत से आजकल एक बहुत ही बड़ी खबर आई है… पर जैसा की हमेशा होता है, ये खबर छोटी सी जगह में सिमट कर रह गई और ज्यादातर लोगों ने इतनी बड़ी उपलब्धि को नजरंदाज कर दिया गया…… तो चलिए क्यों ना हम आज इस उभरते खिलाडी की गौरव गाथा को जानें और उन्हें भी सम्मान दें ….

sainaये बड़ी उपलब्धि हमें दी है भारतीय बैडमिंटन का भविष्य साइना नेहवाल ने… दो दिन पहले ही साइना नेहवाल ने चीन की जू यिंग तेई को हराकर सिंगापुर ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट का ख़िताब अपने नाम कर लिया… यह साइना नेहवाल का दूसरा सुपर सीरिज़ ख़िताब है…. इससे पहले भी जून 2009 में साइना ने दुनिया की नंबर तीन खिलाड़ी चीन की लिन वांग को मात देकर इंडोनेशियन ओपन का ख़िताब जीता था….

विश्व बैडमिंटन में जहाँ चीनी खिलाडियों का दबदबा है, साइना ने इस ख़िताब को हासिल करने के लिए दो चीनी खिलाड़ियों को हराया….. गौरतलब है कि साइना ने इस टूर्नामेंट के सेमी फ़ाइनल में विश्व चैंपियन और चौथीं वरीयता प्राप्त लू लान को हराकर और फ़ाइनल में चीन की जू यिंग तेई को हराकर ख़िताब अपने नाम किया….

उपलब्धियां और भी हैं

  1. साइना विश्व कनिष्ठ बैडमिंटन चैम्पियनशिप जीतने वाली प्रथम भारतीय हैं.

  2. साइना ऑलंपिक में एकल क्वाटर र्फाइनल में पहुंचने वाली प्रथम भारतीय महिला हैं.

  3. भारत की ऐसी पहली महिला बैटमिंटन खिलाड़ी हैं जिन्होंने लगातार दो सुपर सीरीज़ जीते हैं. उन्होंने पिछले सप्ताह ही चेन्नई में इंडियन ओपन ग्रेंड पिक्स ख़िताब जीता था.

  4. विश्व स्तर पर साइना नेहवाल छठवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी है

वर्ष 2008 और 2009 साइना के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा, इन दो सालों में साइना ने कामयाबियों के कई ऊँचे शिखर चूमे… साइना ने वर्ष 2008 में जहाँ चाइनीज़ ताईपी ग्रेंड पिक्स गोल्ड टूर्नामेंट जीता, वहीँ पेइचिंग ओलिंपिक के क्वॉर्टर फाइनल में जगह भी बनाई…. वर्ष 2009 में साइना ने हैदराबाद में वर्ल्ड बैडमिंटन के अंतिम आठ में तो जगह बनाई ही , साल का समापन सैयद मोदी ग्रेंड पिक्स बैडमिंटन में महिला सिंगल्स खिताब जीत कर किया… साइना ने सिंगापुर ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट का ख़िताब अपने नाम कर 2010 की अच्छी शुरुआत भी कर दी है….

अब उम्मीद है कि 2010 में साइना और भी अच्छा प्रदर्शन करेंगी…. वे अगले सप्ताह फिर से इंडोनेशिया ओपन खेलने जा रही हैं…. साथ ही 2010 में नई दिल्ली में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और चीन में होने वाले एशियन गेम्स में बैडमिंटन में साइना भारत की सबसे बड़ी मेडल उम्मीद होंगी….. चलिए हम सब भी भगवान से उनकी कामयाबी की दुआ मांगे और उम्मीद करें कि साइना इस साल फिर से भारतीय बैडमिंटन में कामयाबी की कई और नई गौरव गाथा लिखे….

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24 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Kailyn के द्वारा
May 25, 2011

I’m not easily impressed. . . but that’s impresisng me! :)

sumityadav के द्वारा
June 23, 2010

खूब लिखा आपने अदितीजी, इस देश में क्रिकेट के पीछे पागलपन के लिए काफी हद तक मीडिया भी जिम्मेदार है। अगर टीम इंडिया हारे या जीते चैनलों पर बैठकें का दौर चालू हो जाता है वहीं अगर आनंद, सायना, विजेंदर जैसे खिलाड़ी विश्व खिताब जीतकर भी आते हैं तो इन पर बस एक लाइन में पट्टी चलाकर इतिश्री कर ली जाती है। मीडिया को भी अन्य खेलों को प्रोत्साहित करना चाहिए।

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    मीडिया के साथ-साथ हम दर्शक भी जिम्मेदार हैं….पर अब इस पागलपन को कम करना ही पड़ेगा और अन्य खेलों और खिलाडियों को भी प्रोत्साहित करना होगा…..नहीं तो इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि भारतीय खेलों का भविष्य बहुत अच्छा नहीं होगा….

kaushalvijai के द्वारा
June 23, 2010

u said right and true.

rajkamal के द्वारा
June 22, 2010

शायद आपको यह जान कर दुःख होगा की क्रिकेट मेरे लिए ईट क्रिकेट-+ड्रिंक क्रिकेट-+स्लीप क्रिकेट =लीव क्रिकेट है ….

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    देखिये हम किसी भी खेल के विरोधी नहीं हैं……पर, जब दुसरे खेलों के साथ सौतेला व्यवहार होता है तो बुरा लगता….हमारी बात आगे पढ़कर स्पष्ट हो जाएगी…. अच्छा आपने कहा आप क्रिकेट के साथ ही जीते हैं तो क्या आप भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कुछ खिलाडियों के नाम बताएँगे….उन्होंने भी तो हमारे देश का नाम ऊँचा किया है, फिर उनके बारे में बात क्यों नहीं होती….

kmmishra के द्वारा
June 22, 2010

हम सब को सायना नेहवाल पर गर्व है । सायना ने भारत का सिर ऊंचा किया है । रही क्रिकेट की बात तो आइपीएल की वजह से अब क्रिकेट से बू आने लगी है । यह खेल अब माफियाओं, दलालों, सट्टेबाजों ओर एयाशों का खेल बन कर रह गया है । बीसीसीआई भारत का प्रतिनिधित्व नहीं करता है । यह सिर्फ पैसा बनाने का जरिया भर है ।

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    मोहन जी, सभी को साइना और उस जैसे अन्य सभी प्रतिभाशाली खिलाडियों पर गर्व होना चाहिए…क्रिकेट पर लगे दाग की बात ना ही करें तो अच्छा होगा…. रोज नित नई कहानियां सुनने मिल जाती है….

Chaatak के द्वारा
June 22, 2010

अदिति जी, आपकी चिंता जायज़ है लेकिन कहीं न कहीं इसका सीधा सम्बन्ध जनता की (यानि हमारे और आप की) पसंद का है. मीडिया और व्यवसाई तो उन दलालों का काम करते हैं जो उसके भाव चढाने लगता है जो तेजी से बिकता है | इसमें यदि किसी खेल के खिलाडी की प्रतिभा या उसकी उपलब्धियों को सरकार कम आंकती है तो ये जरूर चिंताजनक है | सरकार को हर एक खेल और उसमे उपलब्धि अर्जित करने वाले खिलाडियों को सामान रूप से प्रोत्साहन और सहायता देनी चाहिए | शायद तभी सारे खेल और सभी खिलाडियों को अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन करने में और ज्यादा मज़ा आएगा |

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    चातक जी, इसके लिए सरकार, मीडिया के साथ-साथ हम दर्शक भी जिम्मेदार हैं….पर ये एक गलत सन्देश दे रही है, हमें संभल जाना चाहिए….आप ही सोचिये अगर माँ-बाप तीन भाइयों में से सिर्फ एक को ही बढ़ावा देते रहें तो बाकि के दो भाई में कुंठा की भावना का जन्म तो होगा ही…. फिर बाकी खेलों में भी तो भारतीय खिलाडियों का प्रदर्शन उम्दा है….

    Laneta के द्वारा
    May 25, 2011

    Fell out of bed feeling down. This has britghened my day!

Ashutosh "Ambar" के द्वारा
June 22, 2010

अदिति जी बहुत ही अच्छा टोपिक उठाया है आपने इंडिया में जो कुछ भी है बस और बस क्रिकेट इसके सिवा किसी गेम पर सरकार और मिडिया धयान ही नहीं देती इन्हें क्रिकेट को इतना सुप्रोत देना चाहिए लेकिन साथ -२ और दुसरे भी खेलों के तरपफ ध्यान देना चाहिए. और खिलाडियों को प्रोत्साहित करना चाहियें / congratulation !!!!!!!!!!!!!!! to Saina nehwal . we all d indians are proud of u.

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    आशुतोष जी, सही कहा आपने, भारत में क्रिकेट की तुलना में अन्य खेलों के साथ हमेशा से सौतेला व्यवहार किया जाता है…. और इसके लिए सरकार, मीडिया और कहीं ना कहीं हम दर्शक भी जिम्मेदार हैं…. प्रतिक्रिया के लिए आभार……

Nikhil के द्वारा
June 22, 2010

आपका प्रयास सराहनीय है.

    aditi kailash के द्वारा
    June 24, 2010

    आपका आभार…….


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