मुझे भी कुछ कहना है

विचारों की अभिव्यक्ति

46 Posts

1665 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 1876 postid : 478

तुम!!!! बस तुम !!!! (कविता)

Posted On: 9 Jun, 2010 Others,मस्ती मालगाड़ी में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

love4झरनों के संगीत में हो तुम
नदियों के हर गीत में हो तुम
सूरज की चाहत में पागल
सूरजमुखी की प्रीत में हो तुम
हाँ तुम! बस तुम!


मेरी सुबहो- शाम में हो तुम
मेरे हर एक काम में हो तुम
मंदिर, मस्जिद और गुरूद्वारे
ईश्वर, अल्ला, राम में हो तुम
हाँ तुम! बस तुम !


जीने के हर ढंग में हो तुम
खुशियों के हर रंग में हो तुम
हार में हो, हर जीत में हो
मेरी हर इक जंग में हो तुम
हाँ तुम ! बस तुम !


| NEXT



Tags:               

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (12 votes, average: 4.50 out of 5)
Loading ... Loading ...

36 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Praveen Joshi के द्वारा
October 19, 2010

Very much close to heart. congrats. keep it up.

dr.shaliniagam के द्वारा
August 13, 2010

मेरी हर एक सांस मैं हो तुम, दिन में तुम और रात में तुम, सो जाओं तो सपनों में तुम, जागूं तो हर मुस्कान में तुम, मेरा हर-पल लम्हे में तुम ! सच्चे प्यार की सच्ची अभिव्यक्ति ………….बहुत अच्छा अदिति डॉ.शालिनिअगम

Ashutosh Kumar के द्वारा
June 17, 2010

bahut khub aditi ji kya sunder rachna hai. realy I like it very much.

    aditi kailash के द्वारा
    June 18, 2010

    Thanks Ashutosh ji….thanks for ur encouragement……

DR.SHALINIAGAM के द्वारा
June 16, 2010

मैं और मेरा अस्तित्व कुछ भी तो नहीं , बस तुम ही तुम मेरी तकदीर हो पलकों के भीतर भी तुम , बाहर भी तुम ही समाये हो! डॉ. शालिनिअगम

    aditi kailash के द्वारा
    June 16, 2010

    शालिनी जी, बहुत अच्छी पंक्तियाँ लिखी आपने……आभार……..

mohit के द्वारा
June 14, 2010

your writing skill is very good, both poetry as well as essay writing. Mohit.

    aditi kailash के द्वारा
    June 14, 2010

    Thanks for ur encouragement……it means a lot to me…….

aruna के द्वारा
June 10, 2010

It is the best poem i read nowadays. Very much close to heart. congrats. keep it up.

    aditi kailash के द्वारा
    June 10, 2010

    Aruna ji, Thanks for ur encouragement………….it means a lot to me……..

ritu के द्वारा
June 10, 2010

बहुत ही सुन्दर रचना ! तुम! बस तुम! शब्दों के जादूगर हैं आप! बधाई!

    aditi kailash के द्वारा
    June 10, 2010

    ऋतू जी, आभार……..हमें कोई जादू नहीं आता……… बस शब्दों से दोस्ती सी हो गई है……

kaushalvijai के द्वारा
June 10, 2010

bus tum aur tum, kya baat hai. rachna me jadu hai. sur-laya bhi sath hai.

    aditi kailash के द्वारा
    June 10, 2010

    कौशल जी, आभार………

hitesh के द्वारा
June 10, 2010

जीने के हर ढंग में हो तुम खुशियों के हर रंग में हो तुम हार में हो, हर जीत में हो मेरी हर इक जंग में हो तुम बेहतरीन पंक्तियाँ हैं ! ऐसी सुन्दर रचना के लिए आपको बधाइयाँ !

    aditi kailash के द्वारा
    June 10, 2010

    हितेश जी, आपको “तुम, बस तुम ” पसंद आई, आपका आभार……….

Nikhil के द्वारा
June 10, 2010

नमस्ते अदिति जी. ये आपकी अब तक की सबसे बेहतरीन लेखनी है. बहुत मज़ा आया पढ़ कर. आप जैसे कुछ लेखकों से बहुत कुछ सिखाने को मिला है मुझे जागरण के इस मंच पर. आभार, निखिल झा

    aditi kailash के द्वारा
    June 10, 2010

    निखिल झा जी, आपका आभार……..आपको तुम! बस तुम! पसंद आई, अच्छा लगा………. हम कहाँ किसी को कुछ सिखा पाएंगे……..हम तो अभी खुद ही सीख रहें हैं………कभी आपसे, कभी उनसे और कभी किसी और से…………

yogendrayadav के द्वारा
June 10, 2010

अदिति जी मैंने आपका लेख ”क्या आप एक अच्छा ब्लॉग लिखना चाहते है” पढ़ा. पर जो सवाल मेरे मन में था मुझे उसका जवाब नहीं मिला. क्या आप मुझे बताएंगी की ”फीचर रीडर ब्लॉग ” क्या होता है.और किसी भी लेख को इस पर स्थान कैसे मिलता है. आशा है आप मेरे प्रश्न का जवाब अवस्य देगी .

    aditi kailash के द्वारा
    June 10, 2010

    योगेन्द्र जी, ”फीचर रीडर ब्लॉग ” क्या होता है? और कैसे चुनते हैं…..ये तो हमें भी नहीं पता……..बस कभी अगर भूले से हमारी पोस्ट वहां आ जाती है तो अच्छा लगता है……… जरुरी नहीं होता की हर ”फीचर रीडर ब्लॉग ” पर पोस्ट अच्छी ही हो, कई लोगों को पसंद नहीं भी आती होगी………… वैसे एक बात कहना चाहेंगे, आप अच्छा लेख लिखने की कोशिश कीजिए……. बाकि पाठकों के ऊपर है……..

yogendrayadav के द्वारा
June 9, 2010

कुछ ही पंक्तियो में अपने रहस्यवाद और प्रकातिवाद के दर्शन करा दिए. मै तो एकदम कविता में खो ही गया था.

    aditi kailash के द्वारा
    June 10, 2010

    योगेन्द्र जी, आपका धन्यवाद…….अब तक तो आप कविता से बाहर आ गए होंगे………

R K KHURANA के द्वारा
June 9, 2010

मेरी सुंदर बिटिया की एक और सुंदर कविता ! बहुत बहुत शुभकामनायें ! राम कृष्ण खुराना

    aditi kailash के द्वारा
    June 10, 2010

    चाचाजी, आपके स्नेह के लिए हम आभारी हैं………

ajaykumarjha1973 के द्वारा
June 9, 2010

सुंदर रचना , खूबसूरत तस्वीर और आकर्षक प्रस्तुति । कुल मिला कर ये कहूं कि आपने मन मोह लिया तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी

    aditi kailash के द्वारा
    June 9, 2010

    अजय जी, आपको हमारी कविता पसंद आई, आपका आभार……….

Chaatak के द्वारा
June 9, 2010

इतने खूबसूरत विचार को सुन्दर शब्दों में व्यक्त करने पर बधाई. आप के रूप में जागरण को एक अच्छा लेखक और कवि मिल गया है.

    aditi kailash के द्वारा
    June 9, 2010

    चातक जी, ये आपका बडप्पन है, आप ने बहुत बड़ी बात कह दी……वरना हम तो अभी सीख ही रहें है…….. इस तरह काव्य प्रेमियों से मिलने वाला स्नेह ही हमें और अच्छा लिखने प्रेरित करता है….. जब आपसे आकांक्षाये बढ जाती हैं तो उस पर खरा उतरने की कोशिश रहती है…….. एक बात जानना चाहते हैं, चातक आपका उपनाम है ?

rajkamal के द्वारा
June 9, 2010

बचपन से ही में एक लाइन सुनता आ रहा हूँ – “तुम ही तुम हो तो क्या तुम हो- हम ही हम है तो क्या हम है- आज आप ने इन लाइनस को बहुत अच्छे से विस्तार दे दिया- बस एक शब्द -गागर में सागर -:सारी कायनात में हो तुम

    aditi kailash के द्वारा
    June 9, 2010

    राजकमल जी, धन्यवाद्……कविता आपको पसंद आई इसलिए………आपने बिलकुल सही कहा… सारी कायनात में हो तुम तुम! बस तुम!

kmmishra के द्वारा
June 9, 2010

सुंदर रचना ।

    aditi kailash के द्वारा
    June 9, 2010

    मोहन जी, आपका आभार…..हम काफी दिन से सोच रहे थे कि आपको बता दे कि नायिका की कविता के जवाब में नायक की कविता “अक्सर याद बहुत तुम आती है ” आई है………सो अब आप चिंतित ना हो……

sumityadav के द्वारा
June 9, 2010

बस तुम.. लिख सकती हो ऐसी रचना.. बस तुम बढ़िया रचना अदिती जी।

    aditi kailash के द्वारा
    June 9, 2010

    सुमित जी, आपका आभार……बस एक छोटी सी कोशिश है…….

brajmohan sharad के द्वारा
June 9, 2010

bas tum….bahut -.bahut sundar rachna ..

    aditi kailash के द्वारा
    June 9, 2010

    ब्रजमोहन जी, आपका आभार……..


topic of the week



latest from jagran