मुझे भी कुछ कहना है

विचारों की अभिव्यक्ति

46 Posts

1665 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 1876 postid : 314

नेताजी का पर्यावरण दिवस (हास्य-व्यंग्य)

  • SocialTwist Tell-a-Friend

netaआज पर्यावरण दिवस है…………ये पर्यावरण दिवस क्या होता है?…………अरे कुछ नहीं, बस साल में एक दिन लोग ये दिखावा करते हैं कि हम भी पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जागरूक हैं………..तो आज हमारे गली के छुट-भैया नेताजी को वृक्षारोपण करने जाना हैं………या यूँ कहूँ कि वृक्षारोपण करते हुए फोटो खिंचवाने जाना है तो ज्यादा ठीक रहेगा……..

neta 2सुबह-सुबह उठ गए नेताजी और रोज की तरह अपने म्यूजिक सिस्टम में लगा दिया फुल साउंड में भक्ति गीत………अब लोगों को भी तो पता चलना चाहिए कि नेता जी ने नया महंगा म्यूजिक सिस्टम ख़रीदा है……….लोग परेशान हो उनकी बला से………बेसिन का नल खोला और ब्रश करने लगे…….यूँ ही भक्ति रस में डूबकर ब्रश करते रहे और साथ में नल से बहता पानी बैकग्राउंड म्यूजिक देता रहा……….१ घंटे तक शावर के नीचे नहाकर जब आत्मा तृप्त हुई तो पहुँच गए ड्रेसिंग रूम में…….सारी लाइटें जला ली…..अरे भाई आज फंक्शन में जो जाना है, अच्छे से तैयार होना पड़ेगा ना………..१/२ घंटे में क्रीम-पाउडर पोतकर तैयार हुए और निकल पड़े घर से वृक्षारोपण के लिए………..और पीछे छोड़ आये सारी लाइटें जलती, घर कि सुरक्षा करने……….

neta 1गाड़ी अभी निकाल ही रहें थे कि एक चमचे ने कहा “भैयाजी मेरी गाड़ी बाहर है हम साथ ही चलते है”……पर नेताजी को वहां अपना रौब भी तो दिखाना था……..कहा “नहीं, हम सब अलग-अलग अपनी गाड़ियों से चलेंगे”………..रास्ते में कालू हलवाई की दुकान देखकर उन्हें नाश्ते की याद आ गई…….और गाड़ी चालू रखकर ही उतर पड़े जलेबी-समोसे खाने……अभी ऑर्डर दे ही रहे थे कि पीछे से चमचे ने आवाज लगे “भैयाजी, वृक्षारोपण के लिए देर हो रही है”……….समय कि नजाकत देखकर उन्होंने नाश्ता पैक करवाना उचित समझा……हलवाई को कागज में समोसे बांधते देख लगे नेताजी चिल्लाने “हम क्या तुम्हें सडक छाप दिखते हैं जो कागज कि पूड़ियों में ले जायेंगे………..पॉलीथीन की थैलियों में दो”………हलवाई बड़ी मुश्किल से कहीं से कर एक पॉलीथीन की थैली ढूंढ़ लाया और नेताजी को रफा-दफा किया……

नाश्ता लेकर पहले से चालू गाड़ी में बैठ गए नेताजी और निकल पड़ा उनका काफिला……रास्ते में नाश्ता खाया और डकार लेते हुए फ़ेंक दी कागज, पॉलीथीन की थैली और खाली बोतल सड़क पर……भाई, अगर हम शहर गन्दा नहीं करेंगे तो नगर पालिका तो बेकार हो जाएगी ना………

neta5जैसे-तैसे पहुंचा उनका काफिला……….देखा वहां ८-१० लोग कुछ मरियल से पौधों के साथ खड़े थे………अब इतनी भरी गर्मी में आप और क्या उम्मीद कर सकते हैं………२-३ कैमरा लिए पत्रकार देखकर उनकी आँखों में चमक आ गई………पान की गिलौरी मुंह में डालकर उतरे नेताजी वृक्षारोपण करने…….पहले मंच पर भाषण देना था………भाषण बड़ा ही सधा हुआ था……….. “हमें पानी-बिजली-ईंधन व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए…….हमें अपना शहर साफ़ रखना चाहिए……..वायु-जल-ध्वनि प्रदुषण रोकना चाहिए………पॉलीथीन की थैली उपयोग में नहीं लानी चाहिए”……….बीच-बीच में पान की पीक मार-मार कर नेता जी ने पीछे का सफ़ेद पर्दा पूरा लाल कर दिया……….कुल मिलाकर भाषण प्रभावशील रहा, रात में दसों बार रट्टा जो मारकर आये थे……….

pedaअब आई वृक्षारोपण की बारी………..सबसे पहले नेता जी ने पौधे को हाथ में लेकर गड्डे में रखा और कुछ मिटटी डालते हुए ८-१० फोटो खिंचवा ली……पीछे-पीछे सारे चमचों ने भी उसी पौधे को हाथ लगाकर फोटो खिंचवा ली…..पत्रकारों के जाते ही ही छोड़ दिया उस मरियल पौधे को अपने हाल पर और निकल पड़ा काफिला अगली जगह वृक्षारोपण करने………

| NEXT



Tags:             

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (7 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

11 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sumityadav के द्वारा
June 6, 2010

बहुत बढ़िया व्यंग्य अदिती जी नेताजी के पर्यावरण दिवस का बहुत ही चुटीले अंदाज में बखान किया आपने…

    aditi kailash के द्वारा
    June 6, 2010

    सुमित जी, आपका आभार…….

rajkamal के द्वारा
June 6, 2010

आप की टॉप २० की लिस्ट देखि-बहुत ही अच्छा- लेकिन जहा तक में समझता हूँ उस में आज से पहले तक गुमनाम +नए+उभरते हुए ही होने चाहिए- न की पहले से स्थापित + मशहूर-मेरा इशारा नोवेलिस्ट मिहिर राज की तरफ है-अगर आप को उचित लगता है तो आप उन को कोई स्पेशल इनाम दे सकते है-उस में मुझको बहुत ही ख़ुशी होगी- और एक बात -आप वोटिंग के लिए 20 ब्लोग्गर्स के खानों की जगह सिर्फ एक ही खाना जिसमे की कोई भी एक अक्षर {A से T } टाइप कर के जनता अपना वोट दे सके-माफ़ कीजियेगा सभी की बात कहने के लिए आप के ब्लॉग का इस्तेमाल कर रहा हूँ -KYONKI आप का ब्लॉग BAHUT से लोगो के द्वारा पड़ा जाता है-

    aditi kailash के द्वारा
    June 6, 2010

    राजकमल जी, आप इस विषय पर सोचते हैं, और चाहते हैं की चुनाव निष्पक्ष हो……….ये एक अच्छी बात है……..पर इस बात को व्यक्त करने मेरा ब्लॉग सहीं मंच नहीं हैं शायद …………आप अपने ही ब्लॉग पर एक नई पोस्ट लिखे और अपने विचार व्यक्त कर, यहाँ की जनता से उनकी प्रतिक्रिया मांगे………जनता जवाब देगी, पक्ष में या विपक्ष में………..और पता चल जायेगा कि जनता क्या सोचती है इस बारे में……… आपका आभार………

nikhilbs09 के द्वारा
June 5, 2010

ha ha ha.. very good representation of neta jee in graphics on Environment days. thanks Nikhil singh http://jarjspjava.jagranjunction.com

    aditi kailash के द्वारा
    June 6, 2010

    Nikhil ji, Thank u very much…………I feel very happy that i made u laugh………..thanks for ur reply………

rajkamal के द्वारा
June 5, 2010

क्योंकि आप जो कमेन्ट गिनते है वोह उस टाइम के होते है जब कोई लेख लिखा गया होता है – जबकि बाद में कुछेक पाठको की फिलिंगस बदल भी सकती है-

rajkamal के द्वारा
June 5, 2010

अदिति जी मेने आप से कहा था की एक ख़त संपादक मंडल को लिखना है-यह उसका नमूना है-जागरण जनकशन होम पेज पर जो सबसे ज्यादा कमेन्ट पाने वाले ब्लोग्स के बारे में लिखा रहता है-वोह सरासर गलत है-ज़मीनी हकीकतो से एक दम परे- उस के ही कारन कोई एक दुसरे पर कमेन्ट नहीं करता-की कही दूसरा आगे न निकल जाये- वेसे कमेन्ट की जगह सही वर्ड -वीउस या फीलिंग्स होना चाहिए था- आपके होम पेज पर २० टॉपपर्स के नामे के आगे खानों में टिक का आपशन होना चाहिए- ताकि जनता उनको वोट कर सके-लेकिन वोट सिर्फ उसी की मानी जाये-जिसने की कभी यहाँ पर कोई ब्लॉग पोस्ट किया हो- ९०% नंबर आप दे -बाकि के १०% जनता दे- क्योंकि आप जो कमेन्ट गिनते है वोह उस टाइम के होते है जब कोई लेख लिखा गया होता है -

    aditi kailash के द्वारा
    June 6, 2010

    राजकमल जी, उन्होंने ने अपने कुछ criteria बनाये होंगे, जिसके आधार पर ही वो फैसला लेंगे………..आप क्यों नाहक परेशान हो रहे हैं………….

rajkamal के द्वारा
June 5, 2010

tap 20-20 me aa ne ke liye badhai

    aditi kailash के द्वारा
    June 5, 2010

    Thank you, very much………


topic of the week



latest from jagran